HIV/AIDS और कार्य-जगत पर ILO की आचार संहिता
यह कोड नीति-निर्माताओं, नियोक्ताओं और श्रमिकों के संगठनों तथा अन्य सामाजिक साझेदारों को कार्यस्थल संबंधी उचित नीतियां बनाने और लागू करने, रोकथाम व देखभाल कार्यक्रम चलाने, और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए रणनीतियां तैयार करने के संबंध में अत्यंत उपयोगी व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह ILO और उसके त्रिपक्षीय घटकों के बीच सहयोग, तथा साथ ही इसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर किए गए प्रयासों का परिणाम है।
एचआईवी/एड्स काम की दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है: यह श्रम बल के सबसे उत्पादक खंड को प्रभावित कर रहा है और कमाई कम कर रहा है, और यह उत्पादकता में गिरावट, श्रम लागत में वृद्धि और कौशल और अनुभव की हानि के माध्यम से सभी क्षेत्रों में उद्यमों पर भारी लागत लगा रहा है। इसके अलावा, एचआईवी/एड्स काम पर मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर रहा है, विशेष रूप से एचआईवी/एड्स के साथ रहने वाले और प्रभावित श्रमिकों और लोगों के साथ भेदभाव और कलंक के संबंध में।
महामारी और इसका प्रभाव महिलाओं और बच्चों सहित कमजोर समूहों पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है, जिससे मौजूदा लैंगिक असमानताएं बढ़ती हैं और बाल श्रम की समस्या बढ़ती है। यही कारण है कि आईएलओ एचआईवी/एड्स और काम की दुनिया पर एक अभ्यास संहिता के माध्यम से एक मजबूत बयान देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कोड महामारी के प्रसार को रोकने, श्रमिकों और उनके परिवारों पर इसके प्रभाव को कम करने और बीमारी से निपटने में मदद करने के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगा। इसमें प्रमुख सिद्धांतों को शामिल किया गया है, जैसे कि एचआईवी/एड्स को कार्यस्थल के मुद्दे के रूप में मान्यता देना, रोजगार में भेदभाव न करना, लैंगिक समानता, स्क्रीनिंग और गोपनीयता, सामाजिक संवाद, रोकथाम और देखभाल और समर्थन, कार्यस्थल में महामारी को संबोधित करने के आधार के रूप में।
Additional details
References
- ISBN: 92-2-812561-6